*كيف نمشي؟*    .....   "ولاتمشِ في الارض مرحا" 🌸"

*كيف نتك...
Ummah Post
18 October, 2024

*كيف نمشي؟* ..... "ولاتمشِ في الارض مرحا" 🌸"

*كيف نتكلم؟* ..... "واغضض من صوتك" 🌸"

*كيف ننظر؟* ..... "ولا تمدنَّ عينيك" 🌸"

*كيف نسمع؟* ..... " ولا تجسسوا"🌸"

*كيف نأكل ونلبس؟* ..... "ولا تسرفوا" 🌸"

*كيف الكلام* ..... "وقولوا للناس حسنا" 🌸"

*كيف مجالسنا* ..... "ولا يغتب بعضكم بعضا" 🌸"

*هكَذَاَ عَلَّمَنَاَ القَرَآنَ اَلَكَرَيَم🌹*

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कारोबारी लाइन में मर्द-ओ-ज़न का इख़्तिलात
लेख

कारोबारी लाइन में मर्द-ओ-ज़न का इख़्तिलात

मलफ़ूज़ात : हज़रत मौलाना मोहम्मद हकीम अख्तर साहब रहमतुल्लाह अलैह - व्यापारिक (کاروباری) लाइन में भी मर्द और औरत का इख़्तिलात (मेल-जोल) उरूज (चरम) पर है, देखिए! अव्वल (पहले) तो ऐसी रोज़ी तलाश करे जिसमें गुनाह का अंदेशा न हो, औरतों से साबक़ा (सामना) न हो, चाहे रोज़ी कम हो, पत्थर बांधकर भी अगर ख़ुद...