*✍🏿 इंसान जितना online होता जा रहा है...!!*

*🍁 इंसानियत...
Ummah Post
16 October, 2024

*✍🏿 इंसान जितना online होता जा रहा है...!!*

*🍁 इंसानियत उतनी ही offline होती जा रही है। रिश्तों से "असल मोहब्बत" ख़त्म होती जा रही है...!!!💯*

*👈🏿 हक़ीक़त में कुछ है और mobile पर कुछ, दोगलापन_____वबा (महामारी) की तरह फैल रहा है...!!!💯*

✍🏻:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:-:*♦️♦️ islamic tube ♦️♦️*

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खामोश परिंदा
लेख

खामोश परिंदा

हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के दौर में एक शख़्स ने एक ख़ूबसूरत परिंदा ख़रीदा। वह जब चहचहाता तो उसकी अत्यंत दिलकश और सुरीली आवाज़ से वह शख़्स बहुत ख़ुश होता, मानो उस परिंदे की आवाज़ बहुत ही मीठी और प्यारी थी। एक दिन अचानक उस पिंजरे के पास उसी की तरह का एक और परिंदा आया और अपनी ज़बान में कुछ बातें...