*वह फूल जो आप मेरी क़ब्र पर डालने का इरादा रखते हैं,*
*वह म...
Ummah Post
15 October, 2024

*वह फूल जो आप मेरी क़ब्र पर डालने का इरादा रखते हैं,*

*वह मेरी ज़िंदगी ही में मुझे दे दीजिए मुझे ख़ुशी होगी।*

*वह जज़्बात जो आप मेरे जाने के बाद लोगों के सामने ज़ाहिर करेंगे,*

*उन्हें मेरे जीते जी ही मुझसे कह दें ताकि मैं अपने अज़ीज़ों (प्रियजनों) के एहसास की ख़ुद क़द्र कर सकूँ।*

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फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली
लेख

फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

एक शख़्स ने फ़ज़ल बिन रबी' के नाम का एक फ़र्ज़ी (जाली) ख़त लिखा, जिसमें अपने लिए एक हज़ार दीनार का हुक्म जारी करके दस्तख़त (हस्ताक्षर) किए गए थे। वह शख़्स ख़त लेकर फ़ज़ल बिन रबी' के ख़ज़ांची (कैशियर) के पास पहुँचा। उसने ख़त पढ़ लिया मगर उसे कोई शक नहीं हुआ। वह उसे एक हज़ार दीनार सौंपने ही वाला था कि...