मुस्लिम कद्दावर राजनीतिक नेताओं की बेरहमी से हत्या दरअसल भारत में मुसलमानों की जड़ों को खोखला कर रही है। जब इतने बड़े-बड़े कद्दावर राजनेताओं की बेरहमी से हत्या हो जाती है और कोई कार्रवाई नहीं होती, तो आम मुसलमान तो गाजर-मूली की तरह हैं (यानी उनका कोई मूल्य नहीं समझा जाता)। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ अपनी ताकत को मजबूत करें, और अपने धन-दौलत को केवल कोठी, बंगले और फैशन में खर्च करने के बजाय दूसरे (सार्थक) कामों में भी खर्च करें।
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