मौत से फ़रार (मृत्यु से पलायन)
एक ऐसे आदमी ने जिसके हाथ-पांव कटे हुए थे, एक हज़ार पाए (कनखजूरे) को मार डाला। एक साहब-ए-बातिन (आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध व्यक्ति) का वहाँ से गुज़र हुआ, तो उन्होंने कहा, "सुब्हानअल्लाह! यह कीड़ा हज़ार पैर रखता था, लेकिन जब इसकी मौत का वक़्त आ पहुँचा, तो एक बे-दस्त व पा (बिना हाथ-पैर वाले मजबूर इंसान) के हाथ से भी भाग न सका।"