अस्सलामु अलैकुम

इस्लामी इतिहास
किस्त नंबर 5

हज़रत आदम...
Ummah Post
12 October, 2024

अस्सलामु अलैकुम

इस्लामी इतिहास

किस्त नंबर 5

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम वह पहले इंसान हैं जिनसे दुनिया में बसने वाले इंसानों की शुरुआत हुई है। अल्लाह तआला ने उनका ख़मीर (मिट्टी का गारा) तैयार करने से पहले फ़रिश्तों से कहा: "अनक़रीब (जल्द ही) मैं मिट्टी से एक ऐसी मख़्लूक़ (जीव) पैदा करने वाला हूँ जिसे ज़मीन में हमारी ख़िलाफ़त (प्रतिनिधित्व) का शराफ़त (गौरव) हासिल होगा।" चुनांचे हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का ख़मीर मिट्टी से गूंधा गया, फिर अल्लाह तआला ने उसमें रूह फूंक दी, तो उसी वक़्त वह ज़िंदा इंसान बन गए। उनके सामने फ़रिश्तों को सज्दा करने का हुक्म दिया, तो तमाम फ़रिश्ते अल्लाह तआला के हुक्म की इताअत (आज्ञापालन) करते हुए सज्दे में गिर गए, मगर शैतान ने अपनी बड़ाई और तकब्बुर (घमंड) की वजह से इंकार कर दिया और कहने लगा: "मैं इससे बेहतर हूँ, क्योंकि आपने मुझे आग से पैदा किया और आदम को मिट्टी से पैदा किया है।" इस तरह शैतान अल्लाह के हुक्म को न मानकर हमेशा के लिए अल्लाह की लानत का हक़दार बन गया, और उसी वक़्त से वह हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और उनकी औलाद (संतानों) का दुश्मन बन गया।

Share this article
हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान
लेख

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) एक बार सफ़र पर जा रहे थे, ग़ालिबन (शायद) हज या उमरे का सफ़र था। साहिबे-हैसियत (धनी) अरबों की आदत के मुताबिक़, आप सफ़र पर जाते हुए सवारी के ऊँट के साथ एक खच्चर नुमा गधा भी ले गए (अरबों के गधे हमारे यहाँ के गधों की तरह नहीं होते, बल्कि हमारे यहाँ के खच्चर...