अपने आप को हर उस गुनाह से बचाएं जो आपके और आपकी दुआओं के बीच...
Ummah Post
By Abdur
11 October, 2024

अपने आप को हर उस गुनाह से बचाएं जो आपके और आपकी दुआओं के बीच खड़ा हो जाता है। याद रखें, जब तक आप गुनाहों की ज़िंदगी में रहेंगे, आपकी दुआएं क़बूलियत का दर्जा हासिल नहीं कर सकेंगी।

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अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन
लेख

अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन

शायर-ए-मशरिक़ (पूर्व के कवि) अल्लामा मोहम्मद इकबाल ने सुन्नत-ए-रसूल (पैगंबर की परंपरा) के पालन को अपना शियोवा-ए-हयात (जीवन का तरीका) बना लिया था। "जौहर-ए-इक़बाल" में एक अजीब और बसीरत अफ़रोज़ (ज्ञानवर्धक) घटना का वर्णन किया गया है, जिससे अल्लामा इकबाल के जज़्बा-ए-शौक़ और इतात-ए-रसूल (रसूल के प्रति प्...