मनुष्य जल्दबाज़ी में है और वह धैर्यवान नहीं है। यदि उसने धैर...
Ummah Post
9 September, 2026

मनुष्य जल्दबाज़ी में है और वह धैर्यवान नहीं है। यदि उसने धैर्य रखा होता, तो छुटकारा (मुक्ति) उसके पैरों की बेड़ी बन चुका होता।

Share this article
बाज़ और डाली – अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की एक प्रेरक कहानी
लेख

बाज़ और डाली – अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की एक प्रेरक कहानी

किसी ने एक बादशाह को तोहफ़े में शाहीन (बाज़) के दो बच्चे पेश किए। बादशाह ने दोनों को अपने शाहीनों के प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) के सुपुर्द कर दिया ताकि वे उन दोनों को ट्रेनिंग दें कि वे शिकार पर ले जाए जा सकें। एक महीने के बाद वह मुलाज़िम (कर्मचारी) बादशाह के पास हाज़िर हुआ और कहा कि एक शाहीन तो मुकम...