"सज्दा ही सुकून है"

الا بذکر اللہ تطمئن القلوب

अनुवाद:...
Ummah Post
7 September, 2026

"सज्दा ही सुकून है"

الا بذکر اللہ تطمئن القلوب

अनुवाद: "ख़बरदार! अल्लाह के ज़िक्र से ही दिलों को सुकून मिलता है"

दुनिया की 1000 टेंशन 1 सज्दे में हल्की हो जाती हैं।

मोबाइल नीचे रखो, जाए-नमाज़ बिछाओ।

सुकून वहीं है जहाँ अल्लाह है।

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इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़
लेख

इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

असली नाम अम्र बिन महबूब था, 160 हिजरी में पैदा हुए और 'जाहिज़' के लक़ब (उपाधि) से मशहूर हुए। अरबी में जाहिज़ उसे कहते हैं जिसकी आँखों के ढेले (पुतलियाँ) बाहर की ओर उभरे हुए हों। शुरुआत में वे इस लक़ब को नापसंद करते थे, लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता (धीरे-धीरे) ख़ामोश हो गए। शायद ही किसी के रूप-रंग का इस तर...