आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...
भूल जाने वाले लोग,
खत्म...
Ummah Post
11 July, 2026

आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...

भूल जाने वाले लोग,

खत्म हो जाने वाले आनंद,

मिट जाने वाले नाम...

अस्थायी उल्लास...

पल भर की खुशियाँ...

रुक जाने वाली साँसें।

कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल मौत...! (हर जान को मौत का स्वाद चखना है...!)

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निष्कपटता की मिसाल
लेख

निष्कपटता की मिसाल

जब हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने मदायन को फ़तह (विजय) किया, तो उन्होंने ऐलान करवाया कि जिस मुजाहिद (योद्धा) के पास जो भी माल-ए-ग़नीमत (युद्ध की सामग्री) है, वह सब लाकर एक जगह जमा करवाए ताकि हम उसे तक़्सीम (वितरित) कर सकें। लोग माल-ए-ग़नीमत जमा करवाने लग गए। तीन दिन गुज़र गए और ऐस...