*पता है उम्म-अल-यक़ीन (विश्वास की मां) क्या है???*
जब दिमाग...
Ummah Post
22 June, 2026

*पता है उम्म-अल-यक़ीन (विश्वास की मां) क्या है???*

जब दिमाग की नसें सौ तरह की उलझनों में हों और कारणों (اسباب) की जगह सवालिया निशान नजर आए,,

उस समय इस बात पर यकीन करना कि अगर अल्लाह चाहे तो आग जला नहीं सकती, समंदर डुबो नहीं सकता, मछली के निगलने के बावजूद भी (वह) हजम नहीं कर सकती और अगर अल्लाह चाहे तो समंदर दो हिस्सों में बंट कर रास्ता दे दे... ❤️‍🩹🥰

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जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक
लेख

जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

एक औरत बड़ी तेज़ी से बस में सवार हुई और एक दूसरी औरत के बराबर वाली सीट पर जा बैठी। उसके पर्स ने साथ बैठी औरत को चोट पहुँचाई। वह औरत खामोश रही। उसे खामोश देखकर दूसरी औरत ने सवाल किया, "तुम मेरे पर्स से चोट लगने के बावजूद खामोश क्यों रहीं?" वह औरत मुस्कुराई और बोली: "एक मामूली सी चीज़ के लिए मुझे न...