बात तो सारी तौफ़ीक़ (ईश्वरीय प्रेरणा) की होती है,
वरना किसक...
Ummah Post
25 April, 2026

बात तो सारी तौफ़ीक़ (ईश्वरीय प्रेरणा) की होती है,

वरना किसकी जुर्रत कि

कायनात (सृष्टि) बनाने वाले के सामने सर न झुकाए।

सजदा बहुत बड़ी तौफ़ीक़ है,

और फिर तौफ़ीक़ की अता (मिलना) बहुत बड़ी अता होती है।!!🥹🫀

*फॉलो करें*

Share this article
मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)
लेख

मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

खुरासान का बादशाह शिकार खेलकर वापस आने के बाद तख्त पर बैठा था, थकावट की वजह से उसकी आँखें बोझिल हो रही थीं। बादशाह के पास एक गुलाम हाथ बांधे अदब के साथ खड़ा था। बादशाह को सख्त नींद आई हुई थी, मगर जब भी उसकी आँखें बंद होतीं, तो एक मक्खी आकर उसकी नाक पर बैठ जाती थी। नींद और बे-खयाली (अचेतन अवस्था) की...