इंसान के अल्फ़ाज़ (शब्दों) पर नहीं उसकी नीयत (इरादे) पर ग़ौर...
Ummah Post
23 February, 2026

इंसान के अल्फ़ाज़ (शब्दों) पर नहीं उसकी नीयत (इरादे) पर ग़ौर करो, क्योंकि कोई डांट कर आपका भला चाहता है तो कोई मुस्कुरा कर आपकी जड़ें काटता है...!!❤️‍🩹

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एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)
लेख

एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)

एक शिया महिला विद्वान (आलिमा) मुझसे कहने लगीं, "इब्राहिम (अलैहिस सलाम) शिया थे।" मैंने कहा, "कैसे?" उन्होंने कहा, "وَإِنَّ مِنْ شِيعَتِهِ لَإِبْرَاهِيمَ [83] (सूरह अस-साफ़्फ़ात), अनुवाद: 'और बेशक इब्राहिम उनके शिया (पैरोकारों) में से थे।'" मैंने कहा, "फिर तो आप यह भी मान जाएंगी।" उन्होंने पूछा, "...