शुमैत बिन अजलान रहिमहुल्लाह दुनिया के पुजारियों (दुनिया परस्...
Ummah Post
10 October, 2024

शुमैत बिन अजलान रहिमहुल्लाह दुनिया के पुजारियों (दुनिया परस्तों) के लक्षण बताते हुए कहते हैं:

"वह हमेशा पेट का पुजारी और मानसिक समझ (ज़ेहनी फ़रासत) से महरुम होता है। पेट और वासना (बत्न व फ़र्ज) की ज़रूरतों को पूरा करने के अलावा बाकी सभी ज़रूरतों से बेफ़िक्र रहता है। वह हर पल इसी बारे में सोचता है कि कब सुबह हो और मैं खाने-पीने और अन्य तमाशों में व्यस्त (मशगूल) हो जाऊं, और कब रात हो कि मैं अपने शयनकक्ष (ख़्वाबगाह) में जाकर आराम करूँ। वह रात की मुर्दा लाश और दिन का बेकार इंसान होता है।"

[अज़-ज़ुहद लि-इमाम अहमद]

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हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)
लेख

हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)

एक बार हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी (रह.) पर ग़द्दारी (राजद्रोह) का मुक़दमा चला और फ़िरंगी (अंग्रेज़) की अदालत हॉल कराची में उनकी पेशी हुई। मौलाना मोहम्मद अली जौहर और बहुत सारे दूसरे अकाबरीन (वरिष्ठ नेता) भी वहाँ जमा थे। फ़िरंगी ने बुलाया और कहा, "हुसैन अहमद! यह जो तुमने फ़तवा दिया है कि अंग्रेज़ की...