अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बराकतुह
Ummah Post
18 November, 2025

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बराकतुह

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नमाज़ की बरकत और इंसान की फ़ितरत
लेख

नमाज़ की बरकत और इंसान की फ़ितरत

आज फज्र के बाद मैं तिलावत (कुरान का पाठ) कर रहा था तो सूरह अल-मआरिज की एक आयत पर आकर रुक सा गया। बात इंसान की तख़्लीक़ (सृष्टि) के बारे में थी कि इंसान असल में पैदा कैसा हुआ है। आयत थी: "इन्नल इंसाने ख़ुलिक़ा हलूआ" (बेशक इंसान बहुत कम हौसला पैदा किया गया है) हक़ीक़त यह है कि इंसान में सब्र और...