रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा...
Ummah Post
23 October, 2025

रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा दूसरा आईना,

न हमारे वहम-ओ-ख़्याल में है, न दुकान-ए-आईना साज़ (आईना बनाने वाले की दुकान) में।

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दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले (एक फ़िक़्ही हिकायत)
लेख

दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले (एक फ़िक़्ही हिकायत)

दो औरतें क़ाज़ी इब्न अबी लैला की अदालत में पहुँचीं, यह अपने ज़माने के मशहूर और जाने-माने क़ाज़ी थे। क़ाज़ी ने पूछा, "तुम दोनों में से किसे पहले बात करनी है?" उनमें से बड़ी उम्र वाली महिला ने दूसरी से कहा, "तुम अपनी बात क़ाज़ी साहब के सामने रखो।" वह कहने लगी, "क़ाज़ी साहब, यह मेरी फूफी (बुआ)...