ज़िक्र-ए-इलाही (अल्लाह का स्मरण) — थके हुए लम्हों का सहारा.....
Ummah Post
10 October, 2025

ज़िक्र-ए-इलाही (अल्लाह का स्मरण) — थके हुए लम्हों का सहारा... ☔

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अहंकार का बुरा अंत
लेख

अहंकार का बुरा अंत

यज़ीद बिन मलिक एक उमय्यद खलीफा थे, वह नए खलीफा थे जो उमर बिन अब्दुल अज़ीज़ के बाद आए थे। एक दिन वह कहने लगे, "कौन कहता है कि बादशाहों को खुशियाँ नसीब नहीं होतीं...? मैं आज का दिन खुशी के साथ गुज़ार कर दिखाऊँगा, अब मैं देखता हूँ कि कौन मुझे रोकता है...?" उनसे कहा गया, "आजकल बगावत हो रही है, यह हो...