> ‏من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا ت...
Ummah Post
9 October, 2025

> ‏من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا تُصدق كل ما يقولون

शालीनता का तक़ाज़ा है कि लोगों की बात ध्यान से सुनो, लेकिन एहतियात (सावधानी) का तक़ाज़ा यह है कि हर बात पर यक़ीन न करो।

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इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल
लेख

इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल

इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...