इमाम इब्न तैमिया रहिमहुल्लाह:
"सबसे जल्दी वह दुआ क़बूल होती है, जो एक मुसलमान दूसरे मुसलमान के लिए उसकी ग़ैर-मौजूदगी (पीठ पीछे) में करता है!"
📚 (मजमू' अल-फ़तावा: 27/96)
इमाम इब्न तैमिया रहिमहुल्लाह:
"सबसे जल्दी वह दुआ क़बूल होती है, जो एक मुसलमान दूसरे मुसलमान के लिए उसकी ग़ैर-मौजूदगी (पीठ पीछे) में करता है!"
📚 (मजमू' अल-फ़तावा: 27/96)