अस्सलामू अलैकुम

इस्लामी इतिहास
किस्त (एपिसोड) नंबर 3...
Ummah Post
9 October, 2024

अस्सलामू अलैकुम

इस्लामी इतिहास

किस्त (एपिसोड) नंबर 3

फ़रिश्ते अल्लाह की मख़्लूक़ हैं

फ़रिश्ते अल्लाह तआला की मख़्लूक़ (सृष्टि) हैं, जो नूर (प्रकाश) से पैदा हुए हैं। वे हमारी नज़रों से ग़ायब (ओझल) हैं। कभी अल्लाह तआला की नाफ़रमानी नहीं करते। अल्लाह तआला ने उन्हें विभिन्न कामों पर लगा रखा है, वे हर वक़्त उन्हीं कामों में लगे रहते हैं। फ़रिश्ते बेशुमार (अगिनत) हैं, उनकी सही संख्या सिर्फ़ अल्लाह तआला ही को मालूम है। उनमें चार फ़रिश्ते बहुत मशहूर और मुक़र्रब (निकटतम) हैं:

(1) हज़रत जिब्राईल अलैहिस्सलाम, जो अल्लाह की किताबें और अहकामात (आदेश) पैग़म्बरों के पास लाते थे।

(2) हज़रत इस्राफील अलैहिस्सलाम, जो क़ियामत में अल्लाह तआला के हुक्म से सूर (शंख/बिगुल) फूंकेंगे।

(3) हज़रत मीकाईल अलैहिस्सलाम, जो बारिश का इंतज़ाम करने और मख़्लूक़ (जीवों) को रोज़ी पहुँचाने पर नियुक्त हैं।

(4) हज़रत अज़्राईल अलैहिस्सलाम, जो मख़्लूक़ की जान (प्राण) निकालने पर नियुक्त हैं।

इसी तरह इनके अलावा भी बहुत सारे फ़रिश्ते हैं, जो अल्लाह तआला की हम्द व सना (प्रशंसा) और उसकी पाकी (पवित्रता) बयान करने में लगे रहते हैं।

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