पच्चीस साल बाद बरेलवी आलिम इस पीर के फ़ज़ाइल (गुणगान) बयान क...
Ummah Post
3 September, 2025

पच्चीस साल बाद बरेलवी आलिम इस पीर के फ़ज़ाइल (गुणगान) बयान कर रहे होंगे: "एक बार हज़रत ने ग़ुस्ल (स्नान) का इरादा फ़रमाया था, तो समंदर ख़ुद चल कर आ गया था।" 😂😃😆😝

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मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।
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मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ बुज़ुर्गों का कहना है कि जिस तरह अम्बिया (पैगंबरों) में हज़रत यह्या बिन ज़करिया अलैहिमुस्सलाम का मक़ाम है, उसी तरह बुज़...