इक शख़्स ने हमारी तवज्जो के बावजूद
औरों का इंतिख़ाब किया और...
Ummah Post
30 August, 2025

इक शख़्स ने हमारी तवज्जो के बावजूद

औरों का इंतिख़ाब किया और ग़लत किया

उसने मिरा वक़ार गिराने के वास्ते

ख़ुद को बहुत ख़राब किया और ग़लत किया

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आदात, अख़लाक़ और तर्ज़-ए-अमल ख़ून और नस्ल दोनों की पहचान करा देते हैं
लेख

आदात, अख़लाक़ और तर्ज़-ए-अमल ख़ून और नस्ल दोनों की पहचान करा देते हैं

एक बादशाह के दरबार में एक अजनबी नौकरी की तलब लिए हाज़िर हुआ, क़ाबिलियत पूछी गई, कहा कि मैं सियासी हूँ। बादशाह के पास सियासतदानों की भीड़ रहती थी, उसे ख़ास घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज बना लिया गया, जो हाल ही में फ़ौत हो चुका था। चंद दिन बाद बादशाह ने उससे अपने सबसे महँगे और अज़ीज़ घोड़े के मुतअल्लिक़...