"शौहर जब अपनी बीवी को हक़ीक़ी (सच्ची) मोहब्बत देता है, तो बी...
Ummah Post
29 August, 2025

"शौहर जब अपनी बीवी को हक़ीक़ी (सच्ची) मोहब्बत देता है, तो बीवी अपने वालिदैन (माता-पिता) से भी बढ़कर अपने ख़ाविंद (पति) को दर्जा देती है।" 🤎

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आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है
लेख

आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

एक गाँव में एक ग़रीब नाई रहा करता था जो एक पेड़ के नीचे कुर्सी लगाकर लोगों की हजामत (बाल-दाढ़ी) बनाया करता था। उसकी गुज़र-बसर बहुत मुश्किल से हो रही थी। उसके पास रहने को न कोई घर था, न पत्नी थी और न ही बच्चे थे। सिर्फ़ एक चादर और एक तकिया ही उसकी कुल संपत्ति थी। जब रात होती, तो वह एक बंद पड़े स्कूल...