"आज लोगों से भलाई की उम्मीद न करो, सिर्फ इतनी गुज़ारिश करो क...
Ummah Post
27 August, 2025

"आज लोगों से भलाई की उम्मीद न करो, सिर्फ इतनी गुज़ारिश करो कि वे तकलीफ न पहुँचाएँ। जो तुम्हें अज़ियत (दुख) देने से बाज़ (दूर) रहता है, वह ऐसा ही है जैसे उसने तुम्हें इनामों से नवाज़ दिया हो।"

- अबू मुआविया बिन कुर्रह (रह.)

[तारीख़-ए-दमिशक़: 59/270]

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आज की मेरी एक छोटी सी नेकी
लेख

आज की मेरी एक छोटी सी नेकी

पिछले दिसंबर एक रोज़ जब इंग्लैंड में शदीद (भारी) बर्फबारी हो रही थी और हर किसी को सर्दी ने जकड़ रखा था, तो मैंने अपने ऑफिस की खिड़की से देखा कि मेरा एक साथी इस मुंजमिद (जमा) कर देने वाली हवा में बाहर दस्ताने चढ़ाए और हाथ में बेलचा थामे रास्ते से लोगों के लिए बर्फ के ढेर (अम्बार) साफ़ कर रहा है.. मैं...