"बर्दाश्त (सहनशीलता) के कानों से सुनो, रहम (दया) की आँखों से...
Ummah Post
22 August, 2025

"बर्दाश्त (सहनशीलता) के कानों से सुनो, रहम (दया) की आँखों से देखो, और मोहब्बत की ज़ुबान से बात करो।"

- मौलाना जलालुद्दीन रूमी

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हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया
लेख

हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया

हज़रत तल्हा (रज़ियल्लाहु अन्हु) अपना इस्लाम क़बूल करने का वाक़िया (घटना) बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि: एक मर्तबा मैं बुसरा (بصری) के बाज़ार और मेले में मौजूद था, वहाँ एक पादरी अपने गिरजाघर की ऊपरी मंज़िल (बालो-ख़ाने) में रहता था। उसने एक दिन मेरे सामने लोगों से कहा, "इस बाज़ार और मेले वालों से पूछो...