"ज़िंदगी का लुत्फ़ (मज़ा) अपने तरीके से लो,
लोगों को खुश कर...
Ummah Post
21 August, 2025

"ज़िंदगी का लुत्फ़ (मज़ा) अपने तरीके से लो,

लोगों को खुश करने के चक्कर में तो शेर को भी सर्कस में नाचना पड़ता है..."

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खाना किसने भेजा?
लेख

खाना किसने भेजा?

इमाम क़ुर्तुबी (रह.) फ़रमाते हैं कि क़बीला-ए-अशअरीयीन के लोग जब हिजरत करके मदीना मुनव्वरा पहुँचे, तो उनका खाने-पीने का तमाम सामान ख़त्म हो चुका था। चुनाँचे उन्होंने अपना एक आदमी रसूलुल्लाह ﷺ की ख़िदमत में भेजा कि हमारे खाने-पीने का कोई इंतज़ाम किया जाए। वह आदमी जब रसूलुल्लाह ﷺ के घर के दरवाज़े पर पह...