"ज़िंदगी अपना रास्ता ढूँढ ही लेती है।

ज़िंदगी हर हाल में...
Ummah Post
15 August, 2025

"ज़िंदगी अपना रास्ता ढूँढ ही लेती है।

ज़िंदगी हर हाल में आगे बढ़ने का रास्ता निकाल लेती है, चाहे हालात जैसे भी हों। इसी तरह, तुम भी अपनी राह पा लोगे। बस हिम्मत न हारना, यक़ीन रखना, और आगे बढ़ते रहना, तुम में वो ताक़त है जो अंधेरों में भी रोशनी तलाश कर सकती है..."

Share this article
दीवार पर पिता के हाथों के निशान।
लेख

दीवार पर पिता के हाथों के निशान।

अब्बा जी बूढ़े हो गए थे और चलते-चलते दीवार का सहारा लेते थे। नतीजतन दीवारों का रंग खराब होने लग गया, जहां भी वह छूते थे वहां दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान छप जाते थे। मेरी पत्नी को जब पता चला तो वह अक्सर गंदी दिखने वाली दीवारों के बारे में मुझसे शिकायत करती। एक दिन सर में दर्द हो रहा था तो अब...