"रात सोकर गुज़ार देना और सुबह उस पर नादिम (शर्मिंदा) होना, र...
Ummah Post
11 August, 2025

"रात सोकर गुज़ार देना और सुबह उस पर नादिम (शर्मिंदा) होना, रात इबादत करके गुज़ारने और सुबह उस पर अकड़ते (अहंकार करते) फिरने से बेहतर है।"

— (मदारिजुस सालिकीन लिल-इब्निल क़य्यिम: 1/272)

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शैतान के तीन हथियार
लेख

शैतान के तीन हथियार

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