दुनिया अल्लाह की है, रिज़्क़ (आजीविका) अल्लाह की तरफ से है, और मुस्तक़बिल (भविष्य) अल्लाह के हाथ में है, इसलिए अपने तमाम मामलात अल्लाह के सुपुर्द (हवाले) कर दो।🌿
हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के दौर में एक शख़्स ने एक ख़ूबसूरत परिंदा ख़रीदा। वह जब चहचहाता तो उसकी अत्यंत दिलकश और सुरीली आवाज़ से वह शख़्स बहुत ख़ुश होता, मानो उस परिंदे की आवाज़ बहुत ही मीठी और प्यारी थी।
एक दिन अचानक उस पिंजरे के पास उसी की तरह का एक और परिंदा आया और अपनी ज़बान में कुछ बातें...