*और मुझे उस काम में मशगूल फरमा जिसके बारे में तू कल मुझसे सव...
Ummah Post
21 July, 2025

*और मुझे उस काम में मशगूल फरमा जिसके बारे में तू कल मुझसे सवाल करेगा,और मेरी तमाम जिंदगी उस काम में लगा दे जिसके लिए तूने मुझे पैदा फरमाया है।*

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सच्चा राज़िक़ (अन्नदाता) कौन?
लेख

सच्चा राज़िक़ (अन्नदाता) कौन?

✍🏻मुलाज़िम बहुत ही आज्ञाकारी था। मालिक ने खुश होकर उसकी पांच हजार तनख्वाह बढ़ा दी। उसकी आज्ञाकारिता में कोई फ़र्क नहीं आया, लेकिन वह बहुत ज़्यादा शुक्रगुज़ार भी नहीं हुआ। मालिक को बहुत ग़ुस्सा आया कि मैंने इसकी तनख्वाह बढ़ाई लेकिन इसने अच्छे से शुक्रिया भी अदा नहीं किया। उसने अगले महीने तन...