*मुझे उम्मीद है कि जब तुम इस तस्वीर को देखोगे, तो तुम्हें एह...
Ummah Post
21 July, 2025

*मुझे उम्मीद है कि जब तुम इस तस्वीर को देखोगे, तो तुम्हें एहसास होगा कि हर इंसान की ज़िंदगी का मयार (स्तर) एक जैसा नहीं होता,*

*बारिश का मौसम सब के लिए एक जैसा नहीं होता।*

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पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)
लेख

पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)

शेख़-उल-हदीस हज़रत मौलाना मोहम्मद तक़ी उस्मानी साहब (दामत बरकातुहुम) अपनी मशहूर तस्नीफ़ "उलूम-उल-क़ुरआन" में लिखते हैं: "यह पांच तफ़सीरें (यानी तफ़सीर-ए-कबीर, तफ़सीर इब्न कसीर, तफ़सीर-ए-क़ुर्तुबी, तफ़सीर रूह-उल-मआनी और तफ़सीर-ए-कश्शाफ़) अहक़र (इस नाचीज़) के मामूली ज़ौक़ के मुताबिक ऐसी हैं कि अगर...