हक़ीक़त यह है कि यौम-ए-आशूरा (आशूरा के दिन) को सय्यिदुना हज़...
Ummah Post
4 July, 2025

हक़ीक़त यह है कि यौम-ए-आशूरा (आशूरा के दिन) को सय्यिदुना हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) की शहादत की वजह से फ़ज़ीलत (महत्व) हासिल नहीं हुई, बल्कि ख़ुद हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) को इस मुबारक दिन शहीद होने की इज़ाफ़ी (अतिरिक्त) फ़ज़ीलत हासिल हुई!

✍️... बंदा मुबीन उर रहमान

Share this article
शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना
लेख

शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना

सुलेमान बिन अब्दुल मलिक, जो बनू उमय्या का बादशाह था, ने एक मर्तबा शैख़-उल-हदीस अबू हाज़िम (रहमतुल्लाह अलैह) से दरयाफ़्त (पूछा) किया कि इसकी क्या वजह है कि हम लोग दुनिया को पसंद और आख़िरत को नापसंद करते हैं? आपने बरजस्ता (तुरंत) जवाब दिया, "क्योंकि तुम लोगों ने अपनी दुनिया को आबाद किया और अपनी आख़िरत को...