*सिलसिला मुस्तनद रिवायत 29* 
आशूरा यानी दस मुहर्रम को अपने...
Ummah Post
3 July, 2025

*सिलसिला मुस्तनद रिवायत 29*

आशूरा यानी दस मुहर्रम को अपने अहल-ओ-अयाल (परिवार) पर नान-नफ़क़ा (खर्च) वगैरह में वुसअत (उदारता) करने की फ़ज़ीलत!

✍️... बंदा मुबीन उर रहमान

जामियातुल अबरार, मस्जिद अख्तर, गुलबर्ग ब्लॉक 11, कराची

Share this article
फ़ितना-ए-क़ादियानियत का पस-मंज़र (संक्षेप में)
लेख

फ़ितना-ए-क़ादियानियत का पस-मंज़र (संक्षेप में)

उपमहाद्वीप (पाक-ओ-हिंद) में जब अंग्रेज़ अपने ज़ुल्म-ओ-सितम और ज़्यादतियों के बावजूद मुसलमानों को मग़लूब (परास्त) न कर सका, तो उसने एक कमीशन के ज़रिए इसकी वजह मालूम करने के लिए पूरे हिंदुस्तान का सर्वे कराया। कमिशन ने यह रिपोर्ट पेश की कि मुसलमानों को मग़लूब करने के लिए उनके दिलों से जज़्बा-ए-जिहाद (...