एक अहम वज़ाहत (महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण):
जुमे के दिन क़ियामत क़ायम होना तो सही अहादीस (प्रामाणिक हदीसों) से साबित है, लेकिन आशूरा यानी दस मुहर्रम को क़ियामत क़ायम होना किसी भी मोतबर रिवायत (विश्वसनीय प्रमाण) से साबित नहीं!
✍️... बंदा मुबीन उर रहमान
जामियातुल अबरार, मस्जिद अख्तर, गुलबर्ग ब्लॉक 11, कराची