एक बूढ़ा आदमी तरबूज बेच रहा था। उसने बोर्ड पर लिख रखा था:
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Ummah Post
26 June, 2025

एक बूढ़ा आदमी तरबूज बेच रहा था। उसने बोर्ड पर लिख रखा था:

30 रुपये का एक तरबूज

100 रुपये के तीन

इतने में एक नौजवान आया जो पढ़ा-लिखा लग रहा था। उसने पहले 30 रुपये का एक तरबूज खरीदा, फिर 30 रुपये का दूसरा तरबूज खरीदा, इस तरह अलग-अलग करके तीसरा भी 30 रुपये में खरीदा।

जाते-जाते वह बूढ़े की तरफ मुड़ा और कहने लगा:

"शायद आपको पता नहीं चला, लेकिन देखिए मैंने अलग-अलग करके तरबूज खरीदा और 10 रुपये बचा लिए। शायद यह कारोबार वगैरह आपके बस की बात नहीं। आप अपने लिए कोई और काम देखें।"

बूढ़ा मुस्कुराते हुए बोला:

"आप जैसे कई नौजवान रोज़ आते हैं। उन्हें ज़रूरत सिर्फ एक तरबूज की होती है, लेकिन एक की जगह तीन-तीन खरीदते हैं और जाते हुए यही मशविरा (सलाह) देते हैं!" 😂😂

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