केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण
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केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण

मौलाना फ़ैसल अहमद साहब नदवी भटकली लिखते हैं: हमारे उलेमा-ए-सल्फ़ (पूर्वज विद्वान) केवल किताबी ज्ञान को कोई महत्व नहीं देते थे, यानी अगर किसी के उस्ताद और मशाईख़ (गुरु) न हों और उसने केवल किताबों से कुछ ज्ञान प्राप्त किया हो, तो उसे कोई महत्व नहीं दिया जाता था। इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे लोग गुज़र...