"लोग क्या कहेंगे??"
कौन से लोग? (क़ियामत के दिन) हिसाब तो स...
Ummah Post
16 June, 2025

"लोग क्या कहेंगे??"

कौन से लोग? (क़ियामत के दिन) हिसाब तो सिर्फ मेरा अकेले का होना है।

"और उनमें से हर एक क़ियामत के दिन अल्लाह के सामने अकेला आएगा।"

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हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!
लेख

हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!

(नोट: इस घोषणापत्र के संबोधित व्यक्ति केवल शरिया विज्ञान (उलूम-ए-शरीयत) के छात्र हैं।) आरिफ़ों (अल्लाह की पहचान रखने वालों) ने शरिया के ज्ञान को इस तरह परिभाषित किया है कि यह अल्लाह का नूर (प्रकाश) है जो बंदे के सीने में रोशन हो जाता है। यह नूर दिल में चिराग की लौ की तरह पूरी तरह महसूस होता है। ब...