मालूम है जब हम बड़े हो जाते हैं तो पेन्सिल की जगह पेन क्यों...
Ummah Post
2 October, 2024

मालूम है जब हम बड़े हो जाते हैं तो पेन्सिल की जगह पेन क्यों थमाया जाता है? क्योंकि फिर गलतियों की गुंजाइश बाकी नहीं रहती.!!

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पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)
लेख

पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)

अस्लाफ़ (पूर्वजों) के यहाँ शौक़-ए-मुताला (अध्ययन का शौक़) और समय के महत्व का यह आलम था कि पैदल चलते हुए भी किताब का मुताला जारी रहता। इब्न अल-आबनूसी कहते हैं कि अल्लामा ख़तीब बग़दादी ؒ पैदल चल रहे होते तो हाथ में किताब लिए उसका मुताला कर रहे होते। (सियर अलाम अन-नुबला, 18: 281) नह्व (व्याकरण) के ए...