हर ना पसंदीदा अमल का शरीफाना जवाब "बर्दाश्त" और "ख़ामोशी" है
Ummah Post
12 June, 2025

हर ना पसंदीदा अमल का शरीफाना जवाब "बर्दाश्त" और "ख़ामोशी" है

Share this article
ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...