"एक आकर्षक झूठ बोलना और उसे सुनकर दस लोगों का तालियाँ बजाना...
Ummah Post
11 June, 2025

"एक आकर्षक झूठ बोलना और उसे सुनकर दस लोगों का तालियाँ बजाना संभव है, लेकिन उससे बेहतर यह है कि एक परेशान करने वाला सच बोला जाए जिसके जवाब में आठ लोग तुम पर आरोप लगाएं और दो सोचने पर मजबूर हो जाएं।"

— बर्ट्रेंड रसेल

Share this article
हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया
लेख

हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया

हज़रत तल्हा (रज़ियल्लाहु अन्हु) अपना इस्लाम क़बूल करने का वाक़िया (घटना) बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि: एक मर्तबा मैं बुसरा (بصری) के बाज़ार और मेले में मौजूद था, वहाँ एक पादरी अपने गिरजाघर की ऊपरी मंज़िल (बालो-ख़ाने) में रहता था। उसने एक दिन मेरे सामने लोगों से कहा, "इस बाज़ार और मेले वालों से पूछो...