कोई उरूज (ऊंचाई) दे न ज़वाल (पतन) दे, 🌟
मुझे सिर्फ इतना कम...
Ummah Post
11 June, 2025

कोई उरूज (ऊंचाई) दे न ज़वाल (पतन) दे, 🌟

मुझे सिर्फ इतना कमाल दे,

मुझे अपनी राह में डाल दे, 🛤️

कि ज़माना मेरी मिसाल दे। 🌍

तेरी रहमतों का नज़ूल (आगमन) हो, 🕊️

मुझे मेहनतों का सिला मिले,

मुझे माल-ओ-ज़र (धन-दौलत) की हवस नहीं, 💰

मुझे बस तू रिज़्क़-ए-हलाल (हलाल रोज़ी) दे। 🍞

मेरे ज़हन में तेरी फ़िक्र हो, 🧠

मेरी सांसों में तेरा ज़िक्र हो, 🕋

तेरा ख़ौफ़ मेरी निजात (मुक्ति) हो, 🙏

सभी ख़ौफ़ दिल से निकाल दे। 💔

तेरी बारगाह में ऐ ख़ुदा,

मेरी रोज़-ओ-शब है यही दुआ, 🌙

तू रहीम है, तू करीम है, 🤲

मुझे मुश्किलात से निकाल दे। 🕊️

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दीवार पर पिता के हाथों के निशान।
लेख

दीवार पर पिता के हाथों के निशान।

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