"अूसल (सिद्धांत) महज़ नियम नहीं होते, ये वो आतिशी (ज्वलंत) श...
Ummah Post
9 June, 2025

"अूसल (सिद्धांत) महज़ नियम नहीं होते, ये वो आतिशी (ज्वलंत) शब्द हैं जो अगर दिल में उतर जाएं तो इंसान को अकेला लश्कर (एक अकेले की सेना) बना देते हैं। जब एक आत्म-अभिमानी (स्वाभिमानी) मर्द अपने ज़मीर की सलीब उठाकर खड़ा होता है, तो ज़माना पहले उसका मज़ाक उड़ाता है, फिर कांपता है, और आखिरकार उसकी दहलीज़ पर सर झुका ही लेता है।" इसीलिए आप अपने उसूलों और नियमों पर पहाड़ की तरह जमे रहें, एक दिन लोग खुद ही लड़खड़ाते कदमों से आपकी ओर सरकने लगेंगे।

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नबी करीम ﷺ की तर्बियत का हिकमत भरा तरीक़ा
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नबी करीम ﷺ की तर्बियत का हिकमत भरा तरीक़ा

नबी करीम ﷺ की तर्बियत का एक तरीक़ा यह था कि पहले ग़लती का एहसास दिलाते थे, फिर नसीहत फ़रमाते थे। एक मर्तबा आप सहाबा इकराम की मजलिस में तशरीफ़ फ़रमा थे, एक नौजवान मस्जिद में दाख़िल हुआ और इधर-उधर देखने लगा, गोया किसी की तलाश में है। उसे रसूलुल्लाह ﷺ दिखाई दिए, वह आपकी तरफ़ आया और कहने लगा, "या रसूलुल...