"मैं जानता हूँ कि दिलासे के तमाम शब्द मिलकर भी दिल में बने ए...
Ummah Post
9 June, 2025

"मैं जानता हूँ कि दिलासे के तमाम शब्द मिलकर भी दिल में बने एक सूराख (छेद) को नहीं भर सकते, तो फिर तुम्हारे दिल का क्या हाल होगा जो छननी की तरह है, जिसके हर सूराख से कोई अज़ीज़ (प्रियजन) गुज़रा और चला गया।"

— अधम शरकावी

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ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!
लेख

ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!

जब तक ईसाई धर्म राजनीति से तालमेल में नहीं था, तब तक दुनिया की हर कौम (राष्ट्र) का अपना एक अलग पहनावा होता था। अब भी जहाँ-जहाँ ईसाई धर्म किसी कौम की राजनीति पर असरअंदाज़ नहीं हुआ है, वहाँ अब भी उस कौम का अपना एक विशिष्ट राष्ट्रीय पहनावा है। जिन देशों में ईसाई धर्म राजनीति के साथ मिलकर पहुँचा, वहा...