दूसरों को नुकसान पहुँचाए बिना,
उन्हें बदनाम किए बिना,
उनसे...
Ummah Post
9 June, 2025

दूसरों को नुकसान पहुँचाए बिना,

उन्हें बदनाम किए बिना,

उनसे हसद (ईर्ष्या) किए बिना,

उनसे उलझे बिना,

> उनसे आगे निकल जाने का हुनर सीखिए।

*‏وَمِن شَرِِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ•`*

और जब किसी जलने वाले का हौसला/हसद मुझे नुकसान पहुँचाने आए,

तो ऐ अल्लाह, मुझे अपनी पनाह (सुरक्षा) में रखना। आमीन या रब्बल आलमीन।

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कमाल है भाई!
लेख

कमाल है भाई!

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