अगर किसी को अपना दुख सुनाना है,
तो मैं उपलब्ध हूँ...
छोटा...
Ummah Post
8 June, 2025

अगर किसी को अपना दुख सुनाना है,

तो मैं उपलब्ध हूँ...

छोटा दुख...... 400

बड़ा दुख........ 700

अगर साथ में रोना-पीटना भी है तो..... 1000

🫣😌😁

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फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली
लेख

फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

एक शख़्स ने फ़ज़ल बिन रबी' के नाम का एक फ़र्ज़ी (जाली) ख़त लिखा, जिसमें अपने लिए एक हज़ार दीनार का हुक्म जारी करके दस्तख़त (हस्ताक्षर) किए गए थे। वह शख़्स ख़त लेकर फ़ज़ल बिन रबी' के ख़ज़ांची (कैशियर) के पास पहुँचा। उसने ख़त पढ़ लिया मगर उसे कोई शक नहीं हुआ। वह उसे एक हज़ार दीनार सौंपने ही वाला था कि...