"खुशबख्ती (सौभाग्य) की अलामत (निशानी) यह है; कि आप नेक अमाल...
Ummah Post
5 June, 2025

"खुशबख्ती (सौभाग्य) की अलामत (निशानी) यह है; कि आप नेक अमाल (अच्छे कर्म) करें, और उनके कुबूल न होने से भी डरें; और बदबख्ती (दुर्भाग्य) की अलामत यह है; कि आप गुनाह भी करें, और निजात (मुक्ति) की उम्मीद भी रखें!"

अल्लाह पाक हमारा नाम भी उन खुशनसीबों में लिख दे... जो खुशबख्त हैं... और बदबख्ती से हमेशा महफूज़ (सुरक्षित) फरमाए। आमीन या रब्बल आलमीन 🤲🏻🕋🤲🏻

Share this article
ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...