"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुश...
Ummah Post
3 June, 2025

"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुशल) होंगे। आजकल रसाएल (पत्रिकाएं) बहुत कम आ रही हैं; कारईन (पाठक) मुंतज़िर (इंतज़ार में) हैं, खास तौर पर रिज़वान पालनपूरी 😄😄😄😄😄"

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दीन की सेवा और आपसी एकता (एक सीख)
लेख

दीन की सेवा और आपसी एकता (एक सीख)

लीसेस्टर (ब्रिटेन) में उलेमा-ए-किराम (विद्वानों) की एक महफ़िल में एक बार हज़रत मौलाना शाह अबरारुल हक़ हरदोई साहब (रहमतुल्लाह अलैह) ने फ़रमाया: "मान लीजिए कि इंडिया के किसी गांव में किसी भारी शरीर वाले व्यक्ति का देहांत (انتقال) हो गया। जून-जुलाई की भीषण गर्मी हो, क़ब्रिस्तान कई किलोमीटर की दूरी...