"एक मार्गदर्शक (रहमा) शख्सियत से दुनिया महरूम हो गई।

आप ए...
Ummah Post
4 May, 2025

"एक मार्गदर्शक (रहमा) शख्सियत से दुनिया महरूम हो गई।

आप एक अज़ीम (महान) अल्लाह वाले, आशिक-ए-रसूल और खिदमत-ए-दीन (धर्म की सेवा) में हमेशा आगे रहने वाले बुज़ुर्ग थे। उम्मत के लिए उनका विसाल (निधन) एक बड़ा दीनी नुक़सान है।

अल्लाह तआला उनके दरजात बुलंद फ़रमाए और हमें उनके नक़्श-ए-क़दम पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।"

Share this article
एक बोर्ड और दो वाक्य:
लेख

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी वहाँ से गुज़र रहा था। उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और टोपी में डाल दिए। अचानक उसकी नज़र बोर्ड पर पड़ी। उसने बोर्ड...