जब हज़रत यूसुफ़ को कुएँ में डाला गया तो हज़रत मूसा को भी पानी में डाला गया।
हज़रत यूसुफ़ मिस्र में थे तो हज़रत मूसा भी मिस्र में थे।
हज़रत यूसुफ़ ने महल में ज़िंदगी गुज़ारी तो हज़रत मूसा ने भी फ़िरऔन के महल में परवरिश पाई।
हज़रत यूसुफ़ को उठाने वालों की भी औलाद नहीं थी और हज़रत मूसा को उठान...