कुरान की आयत

وَ بَشِّرِ الْمُؤْمِنِیْنَ بِاَنَّ لَهُمْ مِّنَ اللّٰهِ فَضْلًا كَبِیْرًا(۴۷)وَ لَا تُطِعِ الْكٰفِرِیْنَ وَ الْمُنٰفِقِیْنَ وَ دَعْ اَذٰىهُمْ وَ تَوَكَّلْ عَلَى اللّٰهِ وَ كَفٰى بِاللّٰهِ وَكِیْلًا(۴۸)(سورۃ الاحزاب)
अनुवाद
तुम मोमिनों को ख़ुशख़बरी सुना दो कि उन पर अल्लाह की तरफ़ से बड़ा फ़ज़्ल होने वाला है।(४७) और काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों की बात न मानो और उनकी तरफ़ से जो तकलीफ़ पहुँचे उसकी परवाह न करो, और अल्लाह पर भरोसा रखो और अल्लाह रखवाला बनने के लिए काफ़ी है।(४८)(आसान तर्जुमा-तुल-क़ुरआन)
पिता का शिक्षाप्रद उत्तर
लेख

पिता का शिक्षाप्रद उत्तर

अबुल कलाम कहते हैं: एक रात खाने के समय मेरी माँ ने सालन (सब्ज़ी) और जली हुई रोटी मेरे पिता के आगे रख दी। मैं पिता की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करता रहा कि शायद वह ग़ुस्से का इज़हार करेंगे, लेकिन उन्होंने बेहद सुकून से खाना खाया और साथ ही मुझसे पूछा कि आज स्कूल में मेरा दिन कैसा गुज़रा? मुझे याद न...

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